About Pigeon in Hindi

कबूतर पर 50 रोचक जानकारीया – Information About Pigeon In Hindi

About Pigeon in Hindi आप सभी लोग कबूतर के बारे में तो अच्छे से ही परिचित होंगे। यह हर जगहों पर आसानी से पाया जा सकता है। यह भारत में ही नहीं बल्कि विदेशो में भी काफी मात्रा में पाया जाता है। इसकी कई साड़ी प्रजातियां होती है तथा ये कई सारे रंग के हो सकते है।

भारत में तो इसकी केवल दो प्रजातियां पायी जाती है। जो सफ़ेद एवं स्लेटी कलर की होती है। हम सब लोग यह तो जानते है की कबूतर काफी वर्षो पहले से ही है। लेकिन क्या आप लोग यह जानते है की इनके पीछे भी काफी बड़ा इतिहास है।इसलिए हमने Essay On Pigeon in hindi लिखा है।  तो चलिए जानते है की आखिरकार कबूतरों का इतिहास है क्या चीज। 

About Pigeon In Hindi Points

  • कबूतर एक मध्यम आकार का पक्षी है।
  • कबूतर अविश्वसनीय रूप से जटिल और बुद्धिमान होते है।
  • कबूतरो की उड़ने की रफ़्तार लगभग 50- 70 किलोमीटर प्रति घंटा है, वह लम्बे समय तक बिना रूखे उड़ सकते है।
  • कबूतरों की लगभग 300 प्रजातियां पायी जाती है।
  • कबूतरों की सुनने की समता बहुत तेज होती है वह तूफ़ान आदि आने का पहले ही पता लग जाता है।
  • कबूतर हमेशा झुण्ड में रहना पसंद करते है।
  • कबूतर अपने जीवन काल में एक ही जोड़ा बनाकर रहते है। और वह साल में 8 बार अंडे दे सकते है।
  • कबूतर की उम्र 20  साल तक होती है।
  • एक रिसर्च में पाया गया की कबूतर इन्सान के चेहरे को याद रख सकते है।
  • यह लगभग संसार के सभी भागों में पाया जाता हैं।
  • यह घुसर रंग  होता है।
  • कुछ कबूतर सपेद रंग के होते है।

कबूतर का इतिहास About Pigeon in Hindi

About Pigeon In Hindi

 कबूतर का इतिहास आप सब लोगो से तो छुपा नहीं है।  हम सभी यह तो जानते ही है की कबूतर को सुभचिन्तक के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन कुछ ही ऐसे लोग होते है जो इनके बारे में पूरा इतिहास जानते है। कबूतर पुराने समय में लोगो  सन्देश इधर से उधर करने के लिए काफी मददगार थे।

कहा  जाता है की पहले कोई ऋषि मुनि हुआ करते थे जिन्होंने कबूतरों के खानदान को एक वरदान दिया था की यह सभी की मदद करते हुए ही मरेंगे। जिसके कारण यह संदेशवाहक के लिए जाने जाते थे।क्या  पता  सच है की नहीं लेकिन ऐसा हो सकता है।

यह भी कहा जाता है की अकबर के दरबार में काफी कबूतर हुआ करते थे जिनका उपयोग वही सन्देश यह से वहा पहुंचने के लिए करता था। 

उन्होंने चार्ल्स डार्विन-और निकोला टेस्ला पर जीत हासिल की। pigeon information in hindi

विक्टोरियन इंग्लैंड में अमीर व्यवसायियों से लेकर औसत जोस तक सभी के लिए कबूतर-प्रजनन एक आम शौक था, जिससे कुछ अजीब तरह के पक्षी पैदा हुए। चार्ल्स डार्विन की तुलना में कुछ शौक़ीन लोगों में प्रजनन प्रक्रिया के लिए अधिक उत्साह था, जो एक विविध झुंड के मालिक थे, लंदन के कबूतर क्लबों में शामिल हो गए, और प्रसिद्ध प्रजनकों के साथ मिल गए। पक्षियों के लिए डार्विन के जुनून ने उनकी 1868 की पुस्तक द वेरिएशन ऑफ एनिमल्स एंड प्लांट्स अंडर डोमेस्टिकेशन को प्रभावित किया, जिसमें कबूतरों के बारे में एक नहीं बल्कि दो अध्याय हैं (कुत्ते और बिल्लियाँ एक ही अध्याय साझा करते हैं)।

निकोला टेस्ला एक और महान दिमाग थे जो कबूतरों का आनंद लेते थे। वह न्यूयॉर्क शहर के अपने होटल के कमरे में घायल जंगली कबूतरों की देखभाल करता था। हाथ नीचे, टेस्ला की पसंदीदा एक सफेद महिला थी – जिसके बारे में उसने एक बार कहा था, “मैं उस कबूतर से प्यार करता था, मैं उससे प्यार करता था जैसे एक पुरुष एक महिला से प्यार करता है और वह मुझसे प्यार करती है। जब वह बीमार थी, तो मैं जानता था और समझता था; वह मेरे पास आई कमरा और मैं उसके पास दिनों तक रहा। मैंने उसे वापस स्वास्थ्य के लिए पाला। वह कबूतर मेरे जीवन का आनंद था। अगर उसे मेरी जरूरत थी, तो और कुछ भी मायने नहीं रखता था। जब तक मेरे पास था, मेरे जीवन में एक उद्देश्य था। ” कथित तौर पर, वह मरने के बाद असंगत था।

कबूतर रहते कहा है ,करते क्या है और खाते क्या है 

About Pigeon In Hindi

कबूतर वैसे तो सारे देशो में ही पाए जाते है। लेकिन इनके कई सारी प्रजातियां होती है जो कहि भी पलायन कर जाती है बिना किसी को बताये। जिसके कारण  इनके साथ रहने वाले इनके साथी को काफी दिखातो का सामना करना पड़ता  है। कई लोग इनको अपने घरो में रखना पसंद करते है क्यूंकि सफ़ेद कबूतरों को शांति का प्रतिक माना जाता है। 

भारत में केवल दो प्रकार सफ़ेद एवं स्लेटी रंग के ही कबूतर पाए जाते है। सफ़ेद कबूतर तथा स्लेटी कबूतर दोनों ही घोंसला बनाकर रहना काफी पसंद करते है। तथा यह अपना घोंसला बड़ी इमारतों एवं बड़े बड़े पेड़ो पर बनाते है। 

कबूतर ज्यादातर अनाज खाना पसंद करते है। वे ज्यादातर बाजरा  खाते है इसलिए आप कहि घूमने गए हो तो अगर वह ढेर सारे कबूतर है तो। कोई न कोई बाजरा जरूर बेच रहा होगा क्यूंकि उन्हें वह काफी पसंद होता है।  कबूतर एक ऐसा लौता पक्षी है जो की ताप्ती रेगिस्तान में रह सकता है। एवं बर्फीले इलाको  सकता है। 

कबूतर होते कैसे है एवं दीखते कैसे है (About Pigeon in Hindi)

आप सभी लोग अब तक यह तो जान ही चुके होंगे की कबूतर दो प्रकार सफ़ेद एवं स्लेटी होते है। वैसे तो कबूतर हर देशो में पाए जाते है। कबूतर का शरीर पुरे पंखो से ही ढका होता है। जो की उन्हें उड़ने में काफी सहायता प्रदान  करती है। कबूतर एक सुन्दर सा दिखने  वाला पक्षी है इसकी चोंच काफी नुकीली एवं प्यारी होती है। 

कबूतर के चोंच के अगल बगल दो छेंद होते है जिनकी सहायता से ये सांस ले पाते है। तथा इनकी दो गोल गोल सुन्दर आँखे भी होती है। जो इनकी प्रजाति के अनुसार भूरे या फिर नीले रंग की होती है। इसके अलावा हमारा यह भी आर्टिकल पढ़ सकते है जो मादा कबूतर होती है उनकी गर्दन पर एक काली गोलाई वाली रेखा पायी जाती है। तथा दो नुकीले पंजे भी होते है। 

जो स्लेटी रंग के कबूतर होते है उनकी गर्दन पर एक बैंगनी कलर का एक पट्टी होता है। इनकी गर्दन काफी मुलायम एवं पतली होती है। ये आसमान में बिना रुकावट के काफी ऊँचा उड़ सकते है। 

कबूतर की उम्र कितनी होती है ?

मेरे प्रिय पाठकों आईये इस निबंध के माध्यम से आज ये जानते हैं कि कबूतर की क्या उम्र होती है ? गूगल की मानें तो कबूतर की उम्र 6 या 7 साल होती है। पर ऐसा नही है कई आकड़े ऐसे भी हैं कि वो कुछ और बयां करते हैं। कुछ लोगों का ये भी मानना है कि कबूतर को हाथ में लेकर या देखकर भी उसकी उम्र का पता लगाया जा सकता है। 

पर ऐसा नही है ,यदि उनकी खिलाई पिलाई अच्छे तरीके से की जाती है ,तो ये अनुमान लगाना बड़ा कठिन होता है। कहीं -कहीं कबूतर 14 साल के भी देखे गए हैं , और कहीं -कहीं कबूतर 23 साल के भी देखे गए हैं। जिस प्रकार से इंसानों के साथ है की उनको यदि अच्छे से खिलाया -पिलाया जाये तथा वे स्वस्थ हैं ,तो वे काफी जवान दिखते हैं। उसी प्रकार से यदि कबूतर को सही आहार मिलती रहे तो वे भी काफी तंदुरुस्त दिखते हैं। 

कबूतर किसका प्रतीक है ?

कबूतर एक बेहद खूबसूरत पक्छी है। इसका इतना खूबसूरत होने के कारण ये पक्छी काफी लोकप्रिय है। यदि हम फिल्मों की मानें तो कबूतर प्रेम का प्रतीक माना जाता है। कबूतर हमेशा झुण्ड में रहना पसंद करते हैं। कबूतर को शांति का प्रतीक भी माना जाता है। कई पाषाण कहानियों से ये तथ्य प्राप्त होते हैं , कि जब राजा महराजाओं को शांति स्थापित करनी होती थी तो वे कबूतरों का ही इस्तमाल करते थे। 

उस पुरातत्वों से ये भी ज्ञात हुआ है कि किसी राजा या रानी को अपना प्रेम पत्र एक जगह से दूसरे जगह भेजना होता था तो उस समय भी कबूतरों का ही इस्तमाल किया जाता था। 

तो इन्हीं सब बातों से कबूतर की उम्र का यही अनुमान लगाया जा सकता है कि कबूतर कि उम्र 24 साल हो सकती है।  

कबूतर के बारे में कुछ रोचक तथ्य जिनके बारे में कोई नहीं जानता 

कबूतर के बारे में भी कुछ ऐसी जानकारियां होती है। जिनके बारे में शायद ही किसी को पता है। क्या आप जानते है की कबूतर का ह्रदय  एक मिनट में 600 बार धड़कता है। मनुष्य तो एक मिंट में सिर्फ 72 बार ही धतकता है। तो आप अनदाजा लगा सकते है की यह कितना ज्यादा फूलता है। 

कुछ लोग कबूतर को घर में ही पालने के शौकीन होते है। कबूतर की याद रखने की क्षमता काफी तेज होती है। इसलिए इनका उपयोग पहले के जमाने में सन्देश पहुंचने के लिए भी किया जाता था। 

एक अध्ययन से पता चलता है कि, सही परिस्थितियों को देखते हुए, वे कैंसर को डॉक्टरों के रूप में पहचानने में उतने ही अच्छे हैं।
हम पहले ही स्थापित कर चुके हैं कि कबूतर कलाकारों और शब्दों के बीच अंतर करने में उत्कृष्ट हैं, लेकिन 2015 के एक अध्ययन से पता चला है कि वे सही परिस्थितियों में घातक और सौम्य वृद्धि के बीच अंतर भी कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया डेविस मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने 16 कबूतरों को एक कमरे में संभावित स्तन कैंसर की आवर्धित बायोप्सी के साथ रखा। साइंटिफिक अमेरिकन के अनुसार, यदि कबूतरों ने सही ढंग से उन्हें सौम्य या घातक के रूप में पहचाना, तो उन्हें एक इलाज मिला।

“एक बार प्रशिक्षित होने के बाद, कबूतरों की औसत नैदानिक ​​सटीकता 85 प्रतिशत तक पहुंच गई। लेकिन जब एक “झुंड सोर्सिंग” दृष्टिकोण लिया गया, जिसमें सभी विषयों के बीच सबसे आम उत्तर का उपयोग किया गया था, तो समूह सटीकता 99 प्रतिशत तक पहुंच गई, या क्या एक रोगविज्ञानी से उम्मीद की जाएगी। कबूतर अपने ज्ञान को उपन्यास छवियों पर लागू करने में सक्षम थे, यह दिखाते हुए कि निष्कर्ष केवल रटने का परिणाम नहीं थे। ”

हालांकि, मैमोग्राम एक चुनौती के रूप में अधिक साबित हुआ; पक्षी उन छवियों में कैंसर के संकेतों को याद कर सकते थे जिन पर उन्हें प्रशिक्षित किया गया था लेकिन वे नई छवियों में संकेतों की पहचान नहीं कर सके।

यह पक्षी इतना समझदार होता है की यह शीशे में अपने आप को देख कर पहचान लेता है। इनकी उम्र लगभग 6 वर्ष की होती है। तथा ये 1 घंटे में 60 से 70 किलोमीटर ऊपर उड़ सकते है। 

यह एक ऐसा लौटा पक्षी है जो आने वाली आपदाओ का पहले ही अनुमान लगा लेता है। इनकी स्मरण सकती तेज होने के कारण यह आसमान में काफी दूर तक जाने के बाद भी अपने घर आसानी से लौट जाते है। कबूतर एक साथ 2 अंडे देने की क्षमता रखता है। इनके अंडे 15 से २० दिन में फुट जाते है। तथा इनके बच्चे बाहर आ जाते है। अगर आपको About Pigeon in Hindi अच्छा लगा हो तो पेज को फॉलो करना न भूले

कबूतर किसका प्रतीक है?

Ans – कबूतर प्यार,दयालुता, एकता, बलिदान और ईमानदारी का भी प्रतीक है।

कबूतर का खाना क्या है?

Ans – गेहूं, चना, साबुत अनाज या फिर भुट्टे का दाना आदि

कबूतर 1 दिन में कितनी दूरी तय कर सकता है?

Ans कबूतर एक दिन में 600 मील की दूरी तय करके वापस अपने ठिकाने पर आ सकते हैं

Life Span of Pigeon in India 

कबूतर एक बेहद खूबसूरत पक्छी होता है। पूरी दुनिया में कबूतरों की 300 से ज्यादा प्रजाती पायी जाती हैं सहारा रेगिस्तान ,अंटार्टिका एवं आर्टिक को छोड़कर हर जगह देखने को मिल जाएँगी। भारत ,मलेशिया, एशिया एवं ऑस्ट्रेलिया यहाँ पर कबूतरों की भरी मात्रा में जनसँख्या पायी जाती है। 

कबूतर एक बहुत अच्छे उड़ान करने वाले पक्छी होते हैं। इनके पास उड़ान भरने में सहायक होने वाली काफी मजबूत मांस पेशियाँ होती हैं। वे 6000 फीट कि ऊंचाई पर भी उदा सकते हैं। ये काफी बुद्धिमान पक्छी होता है। कबूतर मिरर टेस्ट भी पास कर सकते हैं तथा मनुष्य के द्वारा निर्मित की हुयी वर्ण माला की पहचान भी कर सकते हैं। कई जगहों पर तो कबूतरों का इस्तेमाल लोगों के खोजने में भी किया जाता है। इन सभी तथ्यों से आप ये अनुमान लगा सकते हैं कि कबूतर कितना बुद्धिमान एवं मनुष्यों के लिए कितना मददगार साबित होते हैं।

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