about summer season in hindi

ग्रीष्म काल पर निबंध -About Summer Season In Hindi

About Summer Season In Hindi आप सभी लोग ग्रीष्म काल मौसम बारे में तो अच्छे से ही परिचित होंगे।ग्रीष्म ऋतु साल का सबसे गर्म मौसम होता है फिर भी इस मौसम को बच्चे सबसे ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि इस मौसम में बच्चों की स्कूलों की छुट्टियां हो जाती है और बच्चे अपने अपने नाना-नानी दादा-दादी मौसी बुआ के घर जाकर अपनी छुट्टियों का आनंद लेते हैं जिसमें तू धरती के अक्ष के सूर्य की होने के कारण होती है यह मौसम बहुत ही शुष्क और गर्मियों वाला मौसम होता है इस मौसम में गरम गरम तेज हवाएं चलती हैं जिन्हें यू कहा जाता है इस मौसम में छोटे-छोटे बच्चे आइसक्रीम खाते हैं और शाम को खेल खेलते हैं और अपने जीवन का मजा लेते हैं

10 Line On summer season in hindi

  1. गर्मी का मौसम अप्रैल से शुरू होकर जुलाई तक रहता है। और यह बसंत ऋतु के बाद प्रारंभ होता है।
  2. यह दिन सबसे गर्म होते है, इन दिनो मे गर्म हवा चलती है जिसे लू कहते है।
  3. ग्रीष्म ऋतु के अंतराल में दिन बड़े और राते छोटी होती हैं।
  4. गर्मी में सब्जियों और फलों की भरमार हो जाती है।
  5. गर्मी के दौरान लोग हरे रंग के कपड़े पहनना पसंद करते है।
  6. गर्मी के कारण नदियों तालबो आदि में पानी सुख जाता है।
  7. ग्रीष्म ऋतु में खेती करना मुश्किल होता है।
  8. गर्मी में खरबूजा, आम खीरा आदि खाना पसन्द करते हैं।
  9. गर्मी के कारण बच्चों को स्कूल में छुट्टियां होती हैं।
  10. ज्यादा गर्मी के कारण तापमान बढ़ जाता है।इसलिए हमे दिन में भी अपने दरवाजे बंद करने पड़ते हैं।

ग्रीष्म ऋतु गर्म मौसम क्यों है? About Summer Season In Hindi

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ग्रीष्म काल बहुत ही अधिक तापमान और शुष्क मौसम होता है जिससे जिससे गर्मी ज्यादा पड़ती है और सूखा पड़ जाता है गर्मी ज्यादा पड़ने के कारण सूखा पड़ने के कारण कई गांव में पानी की कमी हो जाती है और पानी की कमी से लोगों की मृत्यु हो जाती है जिससे देश की मृत्यु दर इस मौसम में ज्यादा बढ़ती है गर्म हवा और गर्म तापमान के कारण जंगली जानवर या मार मनुष्य दोनों को बहुत ही अधिक परेशानी होती हैगर्म हवाएं जब चलती है तो उसे लोग कहा जाता है और लू लगने से लोगों को बीमारी का सामना करना पड़ता है इस मौसम में कई लोग लू लगने की वजह से व्यक्ति हो जाती है और कई लोगों को पानी की कमी से उनके शरीर में उनकी मृत्यु हो जाती है वैसे तो महिलाओं के शरीर में पानी की मात्रा 2.7 लीटर होनी चाहिए और पुरुष की 3.7 लीटर होना आवश्यक है अगर यह मात्रा पानी की मनुष्य में नहीं होगी तो उनकी मृत्यु होना जरूरी है जो लोग व्यायाम में अधिक परिश्रम का काम करते हैं तो उन्हें अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।

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गर्मी के मौसम में होने वाली परेशानियां (summer season problems)

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गर्मी में लोगों को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जैसे कि पसीने से शरीर का लगभग होना शरीर को लू लगना शरीर में पानी की कमी होना है जा होना और शरीर पर घमोरियां होना गर्मी में लोग बहुत ही कम बाहर निकलते हैं क्योंकि बाहर निकलने से लोगों को बहुत ही ज्यादा तापमान का सामना करना पड़ता है जिससे उनके शरीर की त्वचा पर जलन सी महसूस होती है यह सब का कारण मनुष्य खुद स्वयं ही है क्योंकि पृथ्वी पर मनुष्य ने प्रदूषण का लेवल बहुत ही ज्यादा बढ़ा दिया है और प्रदर्शन प्रदूषण बढ़ने से ओजोन परत में छिद्र हो रहा है जिससे पराबैंगनी किरणें धरती पर सीधी आती जा रही हैं ज्यादा गर्मी पड़ने से मनुष्य के शरीर भी कमजोर होता जा रहा है क्योंकि इतना तापमान मनुष्य का शरीर सहन नहीं कर सकता गर्मी में मनुष्य अपने जीवन को इंजॉय करने के लिए घर पर ही रहना पड़ता है|

ग्रीष्म ऋतु में पानी की मात्रा कम (less water in summer)

less water in summer

गर्मी के मौसम में तापमान अधिक होने से पानी पर स्वीकृत होकर आसमान में चला जाता है और बादल के रूप में हो जाता है और यही बादल बरसात के मौसम में पानी के रूप में नीचे गिरता है जिसे हम बारिश कहते हैं गर्मी के मौसम के लाभ है तो हानियां भी है इस मौसम में बच्चे अपना जीवन आरामदायक और मनोरंजक पूर्वक नहीं निकालते हैं लेकिन इस मौसम में हानियां भी होती है जिससे हमें मुश्किलों जोखिम में डाल देती हैं जैसे ऊष्मा ज्यादा होना तूफान शरीर में पानी की कमी कमजोरी बेचैनी है जा है जा और लू लगना हमें गर्मी के मौसम में ऐसा बीमारियों का सामना करना पड़ता है गर्मी का 12:00 बजे से 4:00 बजे तक का समय बहुत ही ज्यादा भयंकर और डरावना होता है क्योंकि इस समय गर्मी का तापमान बहुत ही ज्यादा ऊंचा होता है।

जिससे हमें लू लग सकती है और हम बीमार हो सकते हैं भारत में बहुत स्थान ऐसे हैं जहां लोग पानी से सूखे से मर जाते हैं क्योंकि वहां पानी की बहुत ही कमी होती है और इस मौसम में कुएं तालाब रावड़ी बाबरी नदियां सूख जाती हैं पेड़ों के पत्ते के घर जाते हैं चारों तरफ धूल ही धूल होती है और गर्म हवाएं चलती हैं जो लोग स्वास्थ्य के लिए काफी जोखिम पूर्ण होती है गर्मी से बचने के लिए हमें फल खाने चाहिए ठंडी चीजों का सेवन करना चाहिए धूप से बचने के लिए हमें छाता का उपयोग करना चाहिए और ग्लूकोज का पानी पीना चाहिए 

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मौसम के गर्म होने का कारण ? Grishm Ritu Par Nibandh

Grishm Ritu Par Nibandh

यह अत्यधिक उच्च तापमान और शुष्क मौसम है, जिसमें हिंसक मानसून भी शामिल है, जो मृत्यु दर में वृद्धि के मुख्य कारण हैं। इस मौसम में उच्च तापमान के कारण मौसम गर्म हो जाता है, जो कुछ क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की कमी के कारण सूखे का कारण बनता है। गर्म हवाएं और तापमान में वृद्धि दोनों ही इस मौसम को बहुत गर्म बनाते हैं, जिससे इंसानों और जंगली जानवरों दोनों को काफी परेशानी होती है।

गर्मी के मौसम में कई मौतें (मनुष्य और जानवर दोनों) शरीर में पानी की कमी के कारण होती हैं। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की रिपोर्ट के मुताबिक, गर्मी में भीषण गर्मी का कारण तेज गर्मी की लहरें हैं। इसलिए, इस मौसम में अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहना सबसे अच्छा है। नेशनल एकेडमी ऑफ फूड एंड न्यूट्रिशन बोर्ड ऑफ साइंस के अनुसार गर्मियों में महिलाओं को सामान्य रूप से 2.7 लीटर पानी और पुरुषों को 3.7 लीटर पानी रोजाना पीना चाहिए। हालांकि, जो लोग व्यायाम करते हैं या अधिक ज़ोरदार काम करते हैं। उन्हें सामान्य से अधिक पानी पीना चाहिए।

एनओएए के राष्ट्रीय जलवायु केंद्र द्वारा दर्ज आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 अब तक का सबसे गर्म दर्ज किया गया। नासा के मुताबिक गर्मी के मौसम में ग्लोबल वार्मिंग का असर साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। ताकि यह बढ़ता तापमान बहुत जल्द इस दुनिया के सभी स्थानों को गर्म स्थानों में बदल देगा।

गर्मी के मौसम के बारे में कुछ प्रमुख तथ्य निम्नलिखित हैं: – summer season in hindi

गर्मी के मौसम पर निबंध

  • जब पृथ्वी अपनी घूर्णन अवधि के दौरान सूर्य की ओर झुकती है, तब ग्रीष्म ऋतु होती है (अर्थात ग्रीष्म ऋतु जब गोलार्द्ध सूर्य की ओर झुका होता है और सर्दी जब गोलार्द्ध सूर्य से दूर होता है)।
  • बच्चे गर्मियों में आनंदित होते हैं, क्योंकि उन्हें एक साथ स्कूल से कई दिन की छुट्टी मिलती है।
  • दक्षिणी गोलार्ध में दिसंबर, जनवरी और फरवरी भी गर्मी के मौसम हैं, हालांकि, उत्तरी गोलार्ध में जून, जुलाई और अगस्त के महीने गर्मी के मौसम हैं।
  • यह वह मौसम है जिसमें ज्यादातर लोग अपने घरों से दूर पहाड़ी या ठंडे इलाकों में रहते हैं।
  • यह साल के सबसे लंबे और सबसे गर्म दिनों में से एक है।
  • इस दौरान हमें कई पसंदीदा फल और फसलें मिलती हैं।

निष्कर्ष

जैसे हम सभी को पता है कि मनुष्य ईश्वर के द्वारा बनाया गया एक बहुत ही ज्यादा बुद्धिमान प्राणी है इसलिए हमें गर्मियों का आनंद लेना चाहिए उसके गर्मी से उसके दुष्प्रभावों से हमें घबराना नहीं चाहिए हमें गर्मियों में आरामदायक संसाधनों द्वारा हमें मजे लेना चाहिए हमें हमेशा पानी तथा बिजली का सीमित मात्रा में प्रयोग करना चाहिए हमें पानी का ज्यादा व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए क्योंकि पृथ्वी पर पानी की मात्रा बहुत कम है और बिजली कम खर्च करनी चाहिए क्योंकि भेज रही ज्यादा खर्च करने से ग्लोबल वार्मिंग बढ़ जाता है जिससे हमें हमारे धरती पर नुकसान हो सकता है हमें अपनी ग्रीष्मकालीन छुट्टियों का मजा लेना चाहिए हमें किसी भी प्रकार के दुष्प्रभावों से नहीं डरना चाहिए

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि  मनुष्य ईश्वर द्वारा निर्मित सबसे बुद्धिमान प्राणी है। इसलिए हमें गर्मी के मौसम में हमेशा सकरात्मक सोच रखनी चाहिए। हमें गर्मी के सभी आरामदायक संसाधनों के द्वारा इस मौसम का आनंद लेना चाहिए, हालांकि हमें इनका उपयोग संयमित रुप से करना चाहिए। हमें हमेशा पानी तथा बिजली की भी बचत करनी चाहिए। हमें बिजली और पानी को बर्बाद नहीं करना चाहिए, क्योंकि हमारी पृथ्वी पर साफ पानी बहुत ही मात्रा में उपलब्ध है और अत्यधिक बिजली खपत ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने का कार्य करता है। 

इस मौसम में जानवरों के साथ साथ ही मानव को भी बहुत ही नुकसान होता है इस मौसम में गर्म हवाओं के कारण पेड़ों के पत्ते झड़ कर नीचे गिर जाते हैं कई पेड़ तो टूट भी जाते हैं और पानी की कमी होने के कारण जानवर यूं ही मर जाते हैं। 

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