bharat ka sabse uncha bandh

भारत के 10 सबसे ऊंचे बांध – Bharat ka Sabse Uncha Bandh

हेलो दोस्तों आज मैं आपको Bharat ka Sabse Uncha Bandh के बारे में बताऊंगा कि यह बांध कहां पर स्थित है यह कब बना और यह बांध सबसे ऊंचा क्यों है उसके बारे में कुछ रोचक तथ्य है। जो मैं आपको बताऊंगा हर जगह का मौसम एक जैसा नहीं होता है कहीं पर धूप होती है और कहीं पर सर्दी होती है। मानव जाति हर मौसम को जीने के लिए किसी ना किसी प्रकार के कार्य तकनीकों का उपयोग करता है बांध का आविष्कार उस टाइम हुआ था जब पानी को इकट्ठा करने की आवश्यकता थी।बांध की सहायता से किसी भी नदियां नहर के पानी के बहाव को रोककर उसको एक जगह खट्टा किया जाता था। और फिर किसी भी समय में उसे प्रयोग किया जाता था। जैसे कि सिंचाई के लिए पानी से बिजली बनाने के लिए क्ले बनाने के लिए बहुत सारे शहरों में पानी की आपूर्ति का उपयोग या उसकी पूर्ति की पूरी करने के लिए इसका उपयोग किया जाता था बांध का उपयोग मानव जाति के लिए एक बहुत ही उपयोग और एक वरदान के रूप में था जहां पर पानी की कमी होती थी वहां पर desh ka sabse uncha bandh के द्वारा ही पानी पहुंचा दिया जाता था।

भारत का सबसे ऊंचा बांध(Bharat Ka Sabse Bada Bandh)

आइए अब बारी आती है सबसे मुख्य बात की जो है कि भारत का सबसे ऊंचा बांध कौन सा है तो हम आपको बता दें कि भारत देश का सबसे ऊंचा बांध टिहरी बांध है यह बांध उत्तराखंड राज्य के टिहरी में स्थित है और यह बांध गंगा नदी के प्रमुख सहायक नदी भागीरथी पर बनाया गया बांध है इस बांध को दुनिया का सबसे पांचवा ऊंचा बांध कहते हैं इस बांध की ऊंचाई 260.5 मीटर है और यह विश्व का सबसे आठवां बड़ा बांध है जिसका उपयोग सिंचाई बिजली पैदा करने के लिए किया जाता है इसकी लंबाई 557 मीटर और इसके जलाशय की क्षमता है 2100000 एकड़ फुट है साल 1972 में टिहरी बांध का निर्माण मंजूरी मिली थी और 1977 – 78 बांध का निर्माण का कार्य शुरू हो गया था और देश की जनता के लिए खोल दिया गया।

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टिहरी बांध की रोचक बातें(Interesting facts about Tehri Dam)

बाँध की दीवारें

जैसे कि उत्तराखंड राज्य की भूमि भूकंप पीड़ित क्षेत्र है और टिहरी जिला उच्च तीव्रता वाले भूकंप जोन में भी आता है इसलिए नुकसान को रोकने के लिए टिहरी बांध को रॉकफिल बांध बनाया गया है इसके लिए बांध की दीवारों को पूरी तरह से पत्थर से बनाया गया है और मिट्टी भर दिया गया है फिर इसकी दीवारों को बनाया गया जिससे बांध भूकंप के समय टूटे ना और उत्तराखंड की जनता को नुकसान ना पहुंचे।

दिल्ली और उत्तर प्रदेश को पानी पहुँचाना

इस बांध के द्वारा प्रतिदिन 2400 मेगावाट विद्युत उत्पादन होती है और 270000 हेक्टेयर क्षेत्र तक की सिंचाई 102. 20 करोड लीटर पानी पीने के लिए दिल्ली यूपी और उत्तराखंड में पहुंचाया जाता है।

टिहरी की जल विद्युत परियोजना

इस बांध की परियोजना के अंदर तीन मुख्य कार्य मुख्य रूप से स्थगित है जैसे कि 1000 मेगा वाट की टिहरी बांध और जल विद्युत इकाई 400 मेगाबाइट को कोटेश्वर जल विद्युत परियोजना और हजार मेगा बाइट की तहरी पंप परियोजना उत्सव के अंतर्गत भारत सरकार ने टेहरी जल विद्युत परियोजना के अतिरिक्त 1000 मेगाबाइट इकाई लगाने के लिए मंजूरी दे दी है।

इसके निर्माण में गाँव डूबे थे

इस बांध के निर्माण के समय पुराने तेरी शेर को जला सयानी दिल्ली शहर पानी में डूब गया था और उसके बाद 125 गांव पर असर भी पड़ा इसके दौरान 37 गांव पूर्ण रूप से डूब गए और 88 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हो गए थे इन इलाकों में रहने वाले वासियों को नई टेहरी और देहरादून के आसपास क्षेत्रों को विस्थापित कर दिया गया।

टिहरी बाँध की रूपरेखा

अब हम आपको टिहरी बांध की बनावट के बारे में बताएंगे टिहरी बांध का जला से छेत्र 42 वर्ग किलोमीटर लंबा है और बांध की दीवार किस चीज पर लंबाई 575 मीटर चौड़ाई 25 पॉइंट 5 मीटर से 30 पॉइंट 5 मीटर तक होगी बांध की दीवारों के कल तक की चौड़ाई है 1125 मीटर बांध के निर्माण में उत्तर प्रदेश बिहार पश्चिम बंगाल में आने वाली बाढ़ की कमी के लिए किया गया था और इस बांध से बिजली उत्पादन होता है और यह बांध देश को हर साल 2000 करोड रुपए का फायदा भी देता है।

अगर टिहरी बांध टूटता है तो क्या होगा?

मैं आपको बता दूं कि अगर टिहरी बांध टूटता है तो क्या होगा उच्च भूकंप जॉन वाले क्षेत्र में बना हुआ है यह बात इसलिए अगर यह किसी भी प्रकृति आपदा से टूटता है तो इसका सर्वत्र खान उत्तराखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल तक को देखने को मिलेगा इसका सबसे ज्यादा असर ऋषिकेश और हरिद्वार में देखने को मिलेगा यह शहर को जलमग्न कर देगा इसके अलावा उत्तर प्रदेश के हर हापुड़ मेरठ बिजनौर और बुलंदशहर में भी 20 मिनट तक पानी भरने की आशंका है।

बांध का निर्माण कैसे हुआ

आज हम आपको बताएँगे की Bharat Mein Sabse Uncha Bandh का निर्माण कैसे हुआ।  बांध के बांध जगह के अनुसार अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता था लेकिन इसको बनाने के लिए कंक्रीट का इस्तेमाल भी किया जाता है वह भी मुख्य रूप से बांध बनाने से पहले इंजीनियर उस जगह को देखता है उसकी उस जगह का अवलोकन करता है जिस जगह बांध बनेगा उसके बाद इंजीनियर जगह के अनुकूल बांध की आकृति बना देता है या करती उस जगह पर निर्भर करती है और बांध का निर्माण करने के लिए बहुत समय लगता है और बहुत इंजीनियरों का समय लगता है

बांध के प्रकार(Type of Dam)

जैसे कि मैंने आपको बताया है कि बांध जगह के अनुसार ही बनता है इसलिए कॉमन से के बांध इस प्रकार है जैसे कि अर्क बाँध, ग्रेविटी बाँध, अर्क-ग्रेविटी बाँध, बर्रगेस बाँध, तटबंध बाँध, रॉक फिल, कंक्रीट फेस रॉक फिल बाँध और धरती भरने के बाँध।

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इनके अलावा भी बहुत सारे बाँध है जिसे सारणी में दर्शाया गया है-

बांध के नाम राज्य नदी
भवानी सागर बाँध तमिल नाडु भवानी
तुंगभद्रा बाँध कर्नाटक तुंगभद्रा
रिहंद बाँध उत्तर प्रदेश रिहंद
मैथन बाँध झारखंड बरकर
कोयना बाँध महाराष्ट्र कोयना
बिसलपुर बाँध राजस्थान बनास
मेत्तुर बाँध तमिल नाडु कावेरी
कृष्णराज सागर बाँध कर्नाटक कावेरी
इन्दिरा सागर बाँध मध्य प्रदेश नर्मदा
चेरुथोनि बाँध केरल चेरुथोनि

आज हमने आपको  bharat ka sabse uncha bandh के बारे में मुख्य रूप से संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है अगर आपको किसी और लेख पर जानकारी चाहिए तो हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं हम आपको संपूर्ण जानकारी उसने की पहुंचाने की कोशिश करेंगे

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