Class 8 Hindi Grammar

Class 8 Hindi Grammar – हिंदी व्याकरण कक्षा 8

Class 8 Hindi Grammar हेलो दोस्तों आज हमने कक्षा 8 के लिए हिंदी व्याकरण के बारे में बताया की आप को क्या क्या पढ़ना है।कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए बच्चें आज कल घर से ही पढाई कर रहे है,इसलिए हमने उनकी साहयता के लिए इस बारे में बताया है। तो चलिए चलते टॉपिक की और। Class 8 Hindi Grammar Syllabus का पहला टॉपिक है

Class 8 Hindi Grammar Syllabus

कक्षा 8 की विषय सूचि में पहला टॉपिक है

Chapter- 1  भाषा व्याकरण और लिपि – Language, Grammar, Script

मनुष्य एक समाज में रहने वाला प्राणी है वह अपने विचारों भावनाओं को बोलकर ही व्यक्त करता है हिंदी भाषा को अपने अस्तित्व में आने के लिए बहुत समय लग गया है संस्कृत भाषा को हिंदी भाषा की जननी माना जाता है पहले संस्कृत में पाली पाली से प्राकृत प्राकृत अपभ्रंश से हिंदी भाषा का विकास हुआ है।

भाषा –

हम अपने विचारों को लिखकर या बोलकर प्रकट करते हैं और दूसरों के विचारों को सुनकर या पढ़कर ग्रहण करते हैं उसे भाषा कहते हैं

व्याकरण –

व्याकरण शास्त्र जिससे भाषा को शुदघ लिखने बोलने और पढ़ने का ज्ञान सीखा जाता है। मनुष्य मौखिक एवं लिखित भाषा में अपने विचार प्रकट करता है और किंतु इससे भाषा का कोई निश्चित एवं शुद्ध स्वरूप स्थिर नहीं हो सकता। भाषा के शुदघ और स्थाई रूप को निश्चित करने के लिए नियम व योजनाओं की आवश्यकता होती है और उस नियमानुसार योजना को हम व्याकरण कहते हैं

Chapter- 2  वर्ण विचार – Phonology

भाषा की सबसे छोटी इकाई जिसके टुकड़े नहीं किये जा सकते  वह वर्ण कहलाती है।  जैसे अ, क, म, च ,वर्ण को हम अक्षर भी कहते है।

विस्तार से पढ़े –  वर्ण की  परिभाषा, भेद एवं उदाहरण

Chapter- 3  वर्तनी विचार – Orthography

शब्दों में प्रयुक्त वर्णों के व्यवस्थित क्रम को वर्तनी कहते हैं शब्दों में आए वर्ण एक विशेष क्रम में प्रयुक्त होने  पर किसी न किसी अर्थ को प्रकट किया करते हैं इसी प्रकार भाषा में प्रयुक्त दूसरे शब्द भी अपनी अलग पहचान रखते हैं हम अपने विचारों का आदान-प्रदान बोलकर या लिखकर करते हैं बोलने के लिए हम अब मुंह से निकली धोनी का प्रयोग करते हैं जबकि लिखने के लिए लिपि का मौखिक रूप को सुरक्षित रखने के लिए लिपि चिन्नू की आवश्यकता होती है।

वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धिया
अहार – आहार
ईर्षा – ईर्ष्या
आर्शीवाद – आशीर्वाद
उज्वल -उज्जवल

Chapter- 4  संधि – Joining Of  Word

दो निकटवर्ती वर्णों के परस्पर मेल से जो विकार परिवर्तन होता है उसे संधि कहते है।

संधि के भेद
दीर्घ संधि , गुण संधि , वर्धि संधि , यण संधि, अयाधी संधि

इसका शाब्दिक अर्थ मेल होता है। संधि ध्वनियों का मेल है।इस चेप्टर में आप सधी की परिभाषा भेद और उदहारण पढ़ेंगे।

Chapter- 5  शब्द विचार – Morphology

वर्णो के सार्थक समूह को शब्द कहते है। या फिर वर्णो के मेल से ही बनता है शब्द।

शब्दों का वर्गीकरण  शब्दों को तीन भागो में बाटा गया है

1 अर्थ के आधार पर 2  उत्पति के आधार पर 3  रचना के आधार पर 4 प्रयोग के आधार पर

Chapter- 6 उपसर्ग, प्रत्य , समास – Prefix, Suffix, & Compound

उपसर्ग -वे शब्दांश जो किसी शब्द के शुरू में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता लाते हैं उन्हें उपसर्ग कहते हैं जैसे उपसर्ग मूल शब्द।

उपसर्ग मूल शब्द युक्त शब्द
परा जय ( जीत पराजय ( हार)
गमन ( जाना) आगमन ( आना )

प्रत्यय – वे शब्दांश जो शब्दों के अंत में जुड़कर शब्द के अर्थ में विशेषता या बदलाव लाते हैं उन्हें प्रत्यय कहते हैं

Chapter- 7 संज्ञा – noun

किसी व्यक्ति प्राणी , वास्तु ,स्थान , यह भाव के नाम को संज्ञा कहते है।

विस्तार से पढ़े –  संज्ञा के भेद परिभाषा उदहारण

Chapter- 8 सर्वनाम – Pronoun

संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाने वाले शब्दो को सर्वनाम कहा जाता है। जैसे- मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कोई, कुछ, कौन, क्या आदि
सर्वनाम का प्रयोग कर हम आदर एवं अनादर के भाव की अभिव्यक्ति करते हैं।
सर्वनाम आश्रित वाक्यों को प्रदान वाक्यों से जोड़ने का काम भी करता है।

विस्तार से पढ़े-  सर्वनाम भेद, परिभाषा, उदहारण

Chapter- 9  विशेषण – Adjective

वाक्य में जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता की परिभाषा प्रकट करता है, उसे विशेषण कहा जाता है।

विस्तार से पढ़े –  विशेषण के भेद परिभाषा उदाहरण

Chapter- 10 क्रिया – Verb

कोई शब्द जिससे कुछ करना या होना का बोध हो वहां क्रिया होगी क्रिया अर्थ होता है करना धातु बिना धातु के कोई क्रिया नहीं हो सकती जैसे पढ़ना पठ  धातु से बना है तथा जाना गम् धातु से बनाया की मूल शब्द को धातु कहते हैं।

क्रिया के भेद

अकर्मक क्रिया – वाक्य में कर्म नहीं होता है तथा काम का प्रभाव केवल कर्ता पर पड़े तो वहां अकर्मक क्रिया होती है जैसे राम दौड़ता है यहां प्रभाव केवल राम पर पड़ रहा है इस वजह से यहां अकर्मक क्रिया होगी।

सकर्मक क्रिया – जिस वाक्य में कर्म होता है तथा काम का प्रभाव कर्ता के अलावा कर्म पर भी पड़ता है तो वहां सकर्मक क्रिया होगी जैसे नीलम आम खाती है इसमें नीलम के साथ-साथ आम पर भी प्रभाव पड़ रहा है पता ही है सकर्मक क्रिया होगी।

प्रेणार्थक क्रिया – जब कोई स्वयं कार्य ना करके किसी दूसरे से कार्य करवाता है या प्रेरित करता है यहाँ प्रेरणार्थक क्रिया का प्रयोग होगा।

नामधातु क्रिया – वे क्रिया जो संज्ञा सर्वनाम विशेषण अधिक से मिलकर बनी होती है इसी क्रिया को नामधातु क्रिया कहते हैं। जैसे अपना से अपनाना 

सयुक्त क्रिया – वे क्रिया  जो किसी दूसरी क्रिया से मिलकर बनी होती सयुक्त क्रिया कहलाती है।  जैसे  तुम रोज खाना खाया करो 

Chapter- 11 अविकारी शब्द – Indeclinable Words

विकारी शब्द – वे शब्द जिनके रूप का परीवर्तन होते रहता है उन्हें विकारी शब्द कहते है। .
में मुझे हम

अविकारी शब्द – वे शब्द जिनका कभी रूप परिवर्तन नहीं किया जा सकता वे शब्द अविकारी शब्द कहलाते है।

अरे , है , यहाँ

Chapter- 12 पद परिचय – Parsing

शब्द जब वाक्य में प्रयुक्त होते हैं तो वह पद कहलाते हैं पद परिचय के अंतर्गत वाक्य में प्रयुक्त प्रत्येक पद का अलग-अलग पूर्ण परिचय दिया जाता है। इसमें पद का भेद उपसर्ग लिंग वचन पुरुष कारक आदि का परिचय दिया जाता है।

पदों को दो भागो में बाटा गया है। विकारी , अविकारी

Chapter- 13 वाक्य रचना – Syntax

मनुष्य के विचारों को व्यक्त करने वाला शब्द समूह जो व्यवस्थित हो तथा पूर्ण आशा प्रकट कर सकें वाक्य कहलाता है।

वाक्य को दो भागो में बाटा गया है।

उदेश्य, विधेय

Chapter- 14 अशुद्ध वाक्यों का संसोधन – Correction of Incorrect Sentence

प्रत्येक भाषा का मूल ढांचा वाक्य पर आधारित होता है इसलिए यह अनिवार्य है कि वाक्य रचना में पद क्रम और नव्या का विशेष ध्यान रखा जाए।

अशुद्ध शुद्ध
वह आँख से काना है वह काना है
आप शनिवार के दिन चले जाए
आप शनिवार को चले जाए

Chapter- 15 विराम चिन्ह – Punctuation

जिस तरह हम काम करते हैं समय बीच-बीच में रुकते और फिर आगे बढ़ते हैं वैसे ही लेखन में भी विराम की आवश्कता होती है। विराम ठहरना

अल्प विराम, अर्द्ध विराम , पूर्ण विराम , विष्मयाधी विराम , प्रश्न चिन्ह , निर्देशक चिन्ह 

Chapter- 16 अलंकार – Figure Of Speech

अलम+ कार यहां पर अलंकार तो बताएं आभूषण काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्वों को अलंकार कहते हैं।  

अलंकार के मुख्य 2 भेद होते है।

अर्थालंकार , शब्दालंकार

Chapter- 17 मुहावरे और लोकोक्तियाँ – Idioms &Proverbs

ऐसे वाक्यांश जो अपने सामान्य अर्थ के स्थान पर विशेषज्ञ प्रकट करते हैं मुहावरे कहलाते हैं।

उदाहरण
टोपी उछलना  अर्थ – अपमानित करना

लोकोक्ति लोक + उक्ति के योग से बना है इसका शाब्दिक अर्थ है लोगों द्वारा कही गई उक्ति। इसे हम कहावत भी कहते है।

उदाहरण
न नो मन तेल होगा न राधा नाचेगी  अर्थ –

Chapter- 18 मौखिक अभिव्यक्ति – Oral Expression

व्यक्ति जिन विचारों व भावों को बोलकर वाणी द्वारा प्रकट करते हैं उसे मौखिक अभिव्यक्ति कहते हैं।

मौखिक अभिव्यक्ति का साधन – वार्तालाप, कहानी, कथन, भाषण, कविता, पाठ, संवाद ,वाद-विवाद चर्चा , परिचर्चा, विचार-विमर्श, आदि

Chapter- 19 लिखित अभिव्यक्ति – Creative Writing

व्यक्ति अपने मन के भाव को लिखकर व्यक्त करता है उसे लिखित अभिव्यक्ति कहते हैं।

लिखित अभिव्यक्ति का साधन- पत्र, लेखन, निबंध, आत्मकथा, संस्करण, सार, लेखन, विवरण, नाट्य लेखन आदि

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