डॉक्टर पर निबंध हिंदी में – Essay on Doctor in Hindi

 Essay on Doctor in Hindi – डॉक्टर हमारे जीवन के लिए एक महत्व अंग है। हमें हमारे शरीर से सम्बंधित कोई भी परेशानी होती है तो हम सबसे पहले डॉक्टर्स को ही याद करते हैं। आज के युग में हम डॉक्टर्स को भगवान का दर्ज़ा देते हैं। तो चलिए इस निबंध के माध्यम से डॉक्टर्स के जीवन के ऊपर प्रकाश डालते हैं।

प्रस्तावना

हमारे रोज़ मर्रा के जीवन में कई चीजें ऐसी होती हैं जिनका निवारण हमारे पास नहीं होता जिसके लिए हमें मद्दद गार हाथों की ज़रूरत होती है। जैसे की -प्लम्बर ,कारपेंटर ,धोबी ,बार्बर ,नर्स ,डॉक्टर ..आदि

इनमें से डॉक्टर का हमारे जीवन में काफी महत्व पूर्ण किरदार होता है।चिकित्षा पेशे को हमारे समाज में बड़े  ही सम्मान की नज़रों से देखा जाता है। और इस व्यवसाय को काफ़ी अच्छे व्यसाय में गणना की जाती है। यह एक ऐसा मात्र व्यवसाय है जिसके द्वारा आप काफ़ी अच्छी कमाई के साथ साथ आप समाज सेवा भी कर सकते हैं।

हालाँकि भारत में चिकित्सक सेवाएं उतनी आधुनिक नही हैं जितनी की और विकसित देशों की हैं।  परन्तु अब हमारा देश भी अब विकसित हो रहा है। और हमारे देश में चिकित्सा अध्यन करने के लिए अच्छी सुविधांए उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बाद भी भारत को चिकित्सा विभाग में अभी और लम्बी दुरी तय करने की आवश्यकता है।

डॉक्टर्स हमारे समाज के लिए कितने महत्व पूर्ण अंग है

डॉक्टर का  महत्व

डॉक्टर्स का हमारे समाज के सबसे महत्व पूर्ण अंग माने जाते हैं । सरल शब्दों में कहें तो डॉक्टर्स को धरती का भगवान ही कहते हैं। हम जितना भरोसा भगवान पर करते हैं।  उतना ही भरोसा डॉक्टर्स पर भी करते हैं। हमें या हमारे किसी भी इष्ट को शारीरिक सम्बंधित  कोई भी बीमारी यदि होती है तो हम सीधे डॉक्टर से ही संपर्क करते हैं। और निश्चिन्त होकर उनके बताये हुए निर्देशों का पालन करते हैं। और यही विश्वाश हमें जल्दी स्वस्थ भी कर देता है।

डॉक्टर्स जिस विज्ञानं से सम्बंधित होते हैं उस विज्ञानं को चिकित्सा विज्ञानं कहते हैं। ये छेत्र काफी बड़ा छेत्र होता है। हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार के अंग पाए जाते हैं। तो उन्हीं विभिन्न  प्रकारों के अनुसार चिकित्सा विभाग में विभिन्न प्रकार के विशेषज्ञ पाए जाते हैं। और इनको  विशेषज्ञ बनने  के लिए  काफी कठिन प्रशिछण की आवश्यकता होती है। जिसको पूर्ण करने के लिए इनको काफी समय लगता है। तब जाकर इनको अपने छेत्र में विशेषग्यता प्राप्त होती है।

2019 के अंतिम चरण से ही एक नयी बीमारी का हमारे जीवन में आगमन हुआ  इस बीमारी को कोरोना के नाम से जाना जाता है। तब से इस युग को कोविद नाम से जाना जाने लगा। तब से डॉक्टर्स की हमारे जीवन में भूमिका और भी बढ़ गयी है। जिस प्रकार से हमारे जीवन में नयी -नयी बीमारियां विकसित हो रही हैं उसी प्रकार से चिकित्सा विभाग भी नयी -नयी तकनीकियों  से विकसित हो रहा है।

हर दिन नयी – नयी तकनीकियों तथा नयी -नयी औषधियों का अविष्कार हो रहा है। अब हमारे पास उच्च शिक्छित डॉक्टर्स हैं तथा उच्च स्तर की सुविधाएँ  मौजूद हैं। अच्छे -अच्छे हॉस्पिटल्स हैं। हम अब इस बात से खुद को निश्चिन्त रखते हैं। की हमें तत्कालीन सेवाएं कभी भी प्राप्त हो जाएँगी।

जबसे ये कोविद काल प्रारम्भ हुआ है तबसे ऑनलाइन सुविधाएँ भी बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं।

एक योग्य डॉक्टर कैसे बनें ?

हमारे सभ्य समाज में कई माता -पिता अपनी संतान को डॉक्टर बनाने  की इक्षा रखते हैं। इसके लिए हमारी सरकार  देश भर में निजी मेडिकल संस्थानों में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए विद्यार्थियों का चयन करने के लिए हर साल राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के लिए उपस्तिथ होना है।

यदि आप भी इस परीक्षा में प्रवेश लेने के इक्ष्छुक हैं तो आपको 11वीं तथा 12वीं कक्षा में भौतिक विज्ञानं ,रसायन विज्ञानं तथा जीव विज्ञानं का लेना अति आवश्यक है।

इस प्रवेश परीक्षा में आप दाखिला लेने के इक्ष्छुक हैं तो एक निर्धारित औसतन प्राप्तांक लाना भी अनिवार्य होता है। जिसके लिए आपको अपने शुरवाती अध्यन में ही काफी ध्यान देने की आवश्यकता होती है। इसके बाद आपको कॉउंसलिंग भी पास करना पड़ता है। उसके बाद ही आपका दाखिला पक्का माना जाता है। इसके बाद एक प्रशिक्षित मेडिकल विद्यालय से आपको प्रशिक्षित किया जाता है। जिसमें आपकी लगन और मेहनत की काफी आवश्यकता पड़ती है।

और सही मामले में देखा जाए तो इस छेत्र में अध्यन करने की अवधि कभी भी ख़त्म नहीं होती है। यदि आप एक योग्य डॉक्टर बनना है तो आपको पूरी जिंदगी अध्यन करते रहना चाहिए तभी आप एक योग्य डॉक्टर की श्रेणी में आ पाओगे।

भारत में डॉक्टर्स और चिकित्सक केंद्र की स्तिथि

भारत में डॉक्टर और हेल्थकेयर

आईये भारत में डॉक्टर्स और हेल्थकेयर की व्यवस्था पर एक संछिप्त नजर डालते हैं

हमारे देश में हेल्थकेयर की व्यवस्था  विकसित देशों की तुलना में उतनी विकसित नहीं है। सरकार ने कई सरकारी  नर्सिंग होम तथा अस्पतालों का निर्माण किया है। पर हमारे देश में भ्रष्टाचार्य हर जगह इतना फैला हुआ है की जिस  नर्सिंग होम तथा अस्पताल को सेवा हेतु खोला गया  है। वो मात्र अधिक से अधिक धन राशि अर्जित करने का माध्यम बन चुके हैं।

हमारे भारत में कितने प्रतिशत में गरीब स्तर का वर्ग रहता है।  जिसकी सेवा हेतु के लिए सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थता सरकार के माध्यम से करवाई जाती है। भरी विडंबना ये है कि न तो उसमें मौजूद डॉक्टर्स अपनी जिम्मेदारियों को भली भांति निभाते हैं न ही कर्मचारी।

इसी भ्रष्टाचार्य के कारण हमारा देश सुचारु रूप से प्रगति कर ही नही पा रहा है। और यहां हर कोई पैसे कमाने की रेस में लगा है। इनको इस बात से कोई भी फर्क नही पड़ता की इनकी इस रवैय्ये से किसी की जान क्यूँ न चली जाए।

ये बात रही सरकारी अस्पतालों की चलिए कुछ प्रकाश निजी अस्पतालों पर भी डालते हैं निजी

निजी अस्पताल तो बस पैसा अर्जित करने का माध्यम बन चुके हैं। एक गरीब स्तर  का वर्ग तो उसमें जाने का सोच भी नहीं सकता है। कई लोग तो ऐसे हैं जिनको  उचित समय तथा उचित इलाज के अभाव में उनकी मृत्यु भी हो जाती है।

कितनी जगह तो देखा गया है कि रिपोर्ट्स तक गलत बता दी जाती हैं। कई -कई अस्पतालों में पूर्ण रूप से न तो तकनिकी सुविधाएँ होती हैं। न ही कर्मचारी होते हैं। तो जो असुविधा मरीजों को देखनी पड़ती है वही असुविधा डॉक्टर्स को भी देखनी पड़ती है।

आज कल तो मरीज़  यदि अपनी एक समस्या का निवारण करने जाता है। तो डॉक्टर्स उस मरीज़  को इतने सारे  टेस्ट लिख देते  हैं कि वो इलाज करवाने में असमर्थ होता है।

जिस प्रकार से पूरब होता है उसी प्रकार से पश्चिम भी होता है तो कहीं मतलबी स्वार्थी चिकित्सकों तथा उनकी सेवाएं हैं तो कहीं पर अच्छे समाज सेवी निःस्वार्थ चिकित्सक और उनकी सेवाएं भी अग्रसर हैं। उसी के संबर्ध में हम आगे व्याख्या करते हैं ,

डॉक्टर एक समाज सेवक हिंदी में या Doctor Ek Samaj Sevak in Hindi

मरीजों की सेवा करना डॉक्टर का परम धर्म है

हमारे समाज में डॉक्टर किस तरह से समाज सेवक की भूमिका निर्वाह करता है। आइये हम इस निबंध के द्वारा कुछ प्रकाश डालते हैं। हमारे समाज में विभिन्न प्रकार के लोग रहते हैं। जो कि काफी उदार स्वाभाव के होते हैं। जिनका एक सपना होता है कि वो समाज की सेवा में तत्पर्य हों।

इसी विचारों को आगे अग्रसर हेतु वो इस व्यवसाय का चुनाव करते हैं। उनको प्रशिछड़ के समय ही ये अध्यन कराया जाता है कि उनको मरीज़ों की सेवा निष् भाव से करनी होगी। हमारे भारत में कई डॉक्टर्स ऐसे हैं जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन ही समाज को दे दिया है।

कोविद के समय देखने को मिला है की कई डॉक्टर्स ने अपनी जान की परवाह किये बिना लोंगो की सेवा की। और कई डॉक्टर्स तो अपनी जान तक गवा बैठे।

डॉक्टर्स के स्वाभाव का मरीजों पर काफी गहरा प्रभाव पड़ता है। यदि कोई डॉक्टर अपने मरीज़ से अपने ही परिवार के सदस्य की तरह व्यवहार करता है तो उसके स्वास्थ में काफी जल्दी सुधार आता है। हमारे समाज के लिए अच्छे डॉक्टर्स का होना बहुत ज़रूरी है

कोरोना काल में डॉक्टर्स बने भगवान

Doctors Become God in Covid – 19

डॉक्टर्स भगवान होते हैं कोविद काल में इस बात को स्पष्ट रूप से सत्य साबित किया है। आज पूरी दुनिया ही कोरोना के चपेट में है। पूरी दुनिया के महान चिकित्स्कों ने इस बीमारी को महामारी घोषित कर दिया। इस बीमारी से लोग इतना नही मर रहे हैं जितना इस बीमारी के भय से लोग मर रहे हैं।

इसके प्रकोप ने किसी को भी न छोड़ा चाहे वो आमिर व्यक्ति हो या फिर गरीब व्यक्ति हो। कोरोना बीमारी के आतंक का क्या कहें जिन देवालयों के पास लोग पंहुच कर खुद को सुरक्छित महसूस करते थे इस कोविद टाइम में उन देवालयों में तक ताले लगा दिए गए।

लोगों ने खुद को अपने -अपने घरों में कैद कर दिया बाहर निकलना उनके लिए किसी भय से कम नहीं रह गया। कोई भी बाहर यदि किसी आवश्यक काम से जाता भी है तो वो पहले चेहरे में मास्क तथा एक सेनिटाईसर अवश्य साथ में रखता है। ऐसे समय में डॉक्टर्स ही मात्र हमारी उम्मीद की किरण के रूप में सामने आये, इन्हीकी लगन और मेहनत के परिणाम से हम इस भयानक महामारी से लड़ पा  रहे हैं।

( सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. एम. एल. परिहार जिनकी चिकित्सा विज्ञानं पर लिखी किताब मेडिकल कोर्स में लगी है के शब्दों में कोरोना के कारण मानव समाज मुश्किल में है )

दुनिया भर के डॉक्टर्स इस महामारी में अपनी जान की परवाह किये बिना मानवता की सेवा में तत्पर्य हैं। और हर वर्ग के समाज की सेवा कर रहे हैं। इस भयानक काल में डॉक्टर्स ही हमारे लिए भगवान के रूप में साबित हुए हैं।

अंतिम शब्द

हम अपने सभी पाठ्य कर्मियों से ये आशा करते हैं कि आप सभी को डॉक्टर पर निबंध हिंदी में – Essay on Doctor in Hindi पर ये निबंध पसंद आया होगा तो कृप्या करके हमारे इस निबंध को अवश्य शेयर करें  यदि आपको इस निबंध के सम्बन्ध में और कोई जिज्ञासा है तो हमें  कॉमेंट करके अवश्य बताएं हम आपकी जिज्ञासा का समाधान अवश्य करने की पूरी कोशिश करेंगे ।

शिल्पी पांडेय

मैं एक लेखक और कवी हूँ। मैं मूलतः कानपूर उत्तरप्रदेश की निवासी हूँ। मैं ने अपनी वेबसाइट www .hindiscope .com के माध्यम से अपनी स्वरचित रचनाएँ आपके समक्छ रखने का प्रयास किया है।

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