Essay on Student Life in Hindi

विद्यार्थी जीवन पर बेहतरीन निबंध – Essay on Student Life in Hindi

Essay on Student Life in Hindi विद्यार्थी का जीवन बहुत ही मुस्किलो  से भरा होता है।  नतीजतन   अगर सभी विद्यार्थी माने तो विद्यार्थी  जीवन उनके जीवन का सबसे महत्व पूर्ण समय होता है।

सभी को इस समय का सही उपयोग करना चाहिए फिर भी  उनको अपने जीवन  को सही रास्ते पे ले जाना चाहीये | ये कला  साधना और तपस्या का  समय है।  इस समय लगन और एकाग्रता की अधिक से अधिक  आवश्कता होती है।

 प्रस्तावना 

विद्यार्थी को  एकाग्रित  होकर अध्यन में ध्यान दें  साथ ही साथ  संसारी जीवन से खुद को दूर रखने का प्रयास करें।

विद्यार्थी जीवन मनुष्य के जीवन का सबसे आनंदमय और  सुखद समय होता है। यह एक ऐसा समय होता  है, जो कस्टमय दुनिया की सभी चिंताओं से मुक्त  रहता है।  स्वाभिक रूप से छात्र का मन नेक विचारों से भरा होता है। और उसकी आंखें सपनों से भरी होती  हैं।

उनकी पढ़ाई ही जीवन में  आने वाले संघर्ष  से उनको तैयार करती   है। यदि सही तरीके से समय का सही  उपयोग किया जाए, तो छात्र अपने  भविष्य की नींव को अच्छी तरह से रख सकता है। और जीवन में जिस चीज की भी ऊँची इच्छाएं रखता है उनको भली – भांति पूरी कर सकता है।

इसके विपरीत यदि दुरुपयोग किया गया, तो हार निश्चित है, हालांकि अर्जित भविष्य के प्रयासों से हो सकता है।इसलिए आज हमने vidyarthi jeevan par nibandh लिखा है चलिए चलते है।

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विद्यार्थी जीवन पर निबंध – Essay on Student Life in Hindi

 निबंध विद्यार्थी जीवन पर 100 शब्द 150, 1000, शब्द 

निबंध विद्यार्थी जीवन पर 100 शब्द 150, 1000, शब्द 

  • विद्यार्थी के जीवन का समय  बहुत ज्यादा उपयोगी होता है।
  • विधार्थी  जीवन काल साथ ही साथ सभी उम्र के पड़ाव में सबसे आनंदमय काल मन गया है |
  • जब विद्यार्थी विद्यालय जाता है तो वहां पर उसको नए शिक्षक नए सहपाठी ओर एक स्वच्छ वातावरण प्राप्त होता है।
  • जिसमें वो  जाकर जो कुछ भी सिख कर अर्जित करता है। वो उसका जीवन में बहुत ज़्यादा साथ देती है
  • वहाँ पर वह एकाग्रचित होकर विद्या अध्ययन करता है।
  • स्वाभाविक रूप से छात्र जीवन बहुत ही चंचल होता है। उनके अंदर   नकारात्मक और सकारात्मक दोनों ही प्रकार के  विचार होते हैं।
  • विद्यार्थियों  को ये समझना बेहद  जरुरी होता है की ये  समय उनके जीवन का सबसे सबसे अहम समय है।

भारत में पिछला छात्र जीवन

  • भारत अनादि काल से विज्ञान, साहित्य, संस्कृति और दर्शन के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी रहा है।
  • भारत की वैदिक सभ्यता को शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा याद किया जाता है।
  • प्रकृति का अध्ययन करने के लिए जंगलों में गुरुकुल आश्रम बनाया गया था।
  • उस समय गुरुकुल आश्रम में प्रवेश के लिए कड़ी परीक्षा व्यवस्था थी।
  • किताबी ज्ञान के स्थान पर आत्मज्ञान के विकास पर विशेष बल दिया गया।
  • चरित्र निर्माण, संयम और आध्यात्मिकता शिक्षा के मुख्य उद्देश्य थे। छात्रों ने लगातार वास्तविक ज्ञान के लिए प्रयास किया।
  • सत्य, ईमानदारी, नम्रता, संयम, सेवा और त्याग वैदिक विद्यार्थी जीवन के आभूषण थे।
  • छात्र जीवन की खोज और समीक्षा कर रहे थे।
  • द्वापरयुग में भगवान कृष्ण की भक्ति और छात्र जीवन की भव्यता आज भी छात्र समुदाय को महान मार्गदर्शन और ज्ञान प्रदान करती है।
  • भारत में विदेशियों के प्रवेश और शासन ने प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली की जड़ें खराब कर दीं।
  • शिक्षण की प्रकृति और प्रसार सिकुड़ गया। पश्चिमी शिक्षा के शास्त्रीय रूप ने छात्रों को आकर्षित किया। शिक्षा प्रणाली धीरे-धीरे बदली।
आधुनिक विद्यार्थी जीवन
  • वर्तमान के विद्यार्थी आधुनिक विद्यार्थी जीवन की और अग्रसर हो रहे है।
  • का स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है आज के विधयर्थी उच्च शिक्षा तो प्राप्त करना चाहते है।
  • लेकिन लेकिन विधयालयो के नियमो और अनुशासन की पलना नहीं करना चाहते है|
  • जबकि उन्हें ये जानना जरुरी है की ये भी उनके जीवन का हिस्सा है।
  • जो उनके जीवन की लड़ाई में आगे बढ़ने में मदद कर सकती है|
  • इसी प्रकार की सोच रखने के कारण विद्यार्थियों का पढाइके पार्टी लगाव काम होता जा रहा है और उनका मन भरी जीवन में भटकने लगा है|
  • अगर एक विद्यांर्थी नक़ल कर के पास होने की इच्छा रखता है।
  • तो इससे साफ़ साबित होता है की आज के विधार्थियो की सोच किस चीज को महत्व दे रही है|
  • ऐसा कर के वो अपने पैर पर ही कुल्हाड़ी मरने जैसा काम कर रहे है |

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विद्यार्थी जीवन के विभिन्न आदर्श
  • इन सभी कमियों के बाद भी आज भी छात्र के जीवन में कुछ महँ पहलु भी है।
  • आज के छात्र देश और विदेश से परिचित है|
  • उच्च शिक्षा और अनुसन्धान के लिए आज के विध्यार्ती विदेश यात्रा कर रहे है।
  • वो एक नए पाठ्यक्रम से परिचित है और उसका उपयोग करने में सक्षम है।
  • समुदाय के ज्ञान का विस्तार आज के जीवन में कीया गया है|
  • एक छात्र विधालय जीवन से जुड़ा है उसके लिए ये भिओ जरुरी है की वो विधयलय के नियमो की पलना करे और उसको अपने जीवम में उतारे|
विद्यार्थी जीवन में खेलों व अभ्यास का महत्व :
  • विद्यार्थी जीवन में पढाई के साथ साथ खेलो का भी उतना ही महत्व है|
  • वो विद्यार्थी जो पढाई के साथ साथ खेल कूद में भी आगे होते है वे अधिकतर तेज़ बुद्धि वाले होते है|
  • खेल प्रत्येक मनुष्य के जीवन  महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  • खेल मानव शरीर के लिए उतना ही जरुरी है जितना मानव शरीर जरुरी है।
  • खासतोर पर मनुष्य के जीवन में खेल कूद मानसिक थकन को काम करने के लिए भी जरुरी है|
  • खेल कूद से जीवन की थकान ऊर्जा में बदल जाती है।
  • विद्यार्थी को निरंतर अभ्यास के साथ ही विद्या गार्डन होती है।
  • इसी प्रकार ऐसी और भी कई बातें हैं जो विद्यार्थी के जीवन को बेहतरीन और सफल बनाती है।
  • आज के समय में  माता-पिता को यह जरूरी है।
  • कि वह अपने कि वह अपने बच्चों के लिए उनकी रूचि के अनुसार खेलकूद का  आयोजन कराए।
  • नतीजतन वो जितना रूचि खेल में लगाते हैं साथ ही साथ पढ़ाई में भी उतना ही रूचि दिखाएँ।

कहने का मतलब यह है खेलकूद भी एक विद्यार्थी के जीवन का अहम हिस्सा है इसे उसे नकार नहीं सकते हैं

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विद्यार्थी जीवन का लक्ष्य-
  • सभी विद्यार्थियों के जीवन का एक लक्ष्य जरूर होना चाहिए।
  • बिना लक्ष्य के विद्यार्थी जीवन का कोई महत्व नहीं है।
  • एक विद्यार्थी जब अपने जीवन में लक्ष्य को धारण करके अपने सभी मोह माया को छोड़कर उस लक्ष्य का पीछा करता है।
  • तब जाके उसका विद्यार्थी जीवन सफल होता है
  • एक विद्यार्थी के जीवन में लक्ष्य इसी प्रकार महत्व रांची होता है।
  • जिस प्रकार यदि आप बाजार में जाते हो और बिना कुछ किए वापस आ जाते हो  बिलकुल इस स्थिति में इंसान का बाजार जाना व्यर्थ होता है।
  • उसी प्रकार विद्यार्थी का कोई लक्ष्य ना होना भी व्यर्थ ही होता है
  • इसीलिए विद्यार्थी जीवन का ही नहीं अपने संपूर्ण जीवन में कुछ ना कुछ लक्ष्य होना बहुत आवश्यक है|
  • कहीं विद्यार्थी ऐसे भी होते हैं जो अपना लक्ष्य तो निर्धारित कर लेते हैं।

परंतु उस लक्ष्य को संपूर्ण करने के लिए आने वाली बाधाओं से डर जाते हैं।  जैसे समाज के लोग क्या कहेंगे अगर वह अपना लक्ष्य प्राप्त ना कर पाए तो क्या होगा इस विचार के कारण पूरा नहीं कर पाते हैं।

Nibandh on Vidhyarthi Jeevan
  • कुल मिलकर सरल शब्दों में कहें तो   वास्तव में विद्यार्थी जीवन कठोर अनुशासन और शिष्टाचार का दूसरा नाम है।
  • जिस प्रकार सोना आग में तप कर ही अधिक मूल्यवान आभूषण बन सकता है।
  • उसी प्रकार विद्यार्थी भी कठोर अनुशासन शिष्टाचार  के बाद ही अधिक मूल्यवान बन सकता है।
  • विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है।
  • यद्यपि समय की चिंता करने की कोई सांसारिक परवाह नहीं है,
  • फिर भी छात्र के लिए अवधि बहुत महत्वपूर्ण है,
  • क्योंकि उसे अपने चरित्र के निर्माण में और उसके बारे में दुनिया के साथ संपर्क बनाने में ज्ञान प्राप्त करने के लिए उठना और करना है। .
  • इस अवधि में वह जिन गतिविधियों को  नित्य दिनचर्या में  करेगा,
  • वे उसके भविष्य के आचरण को निर्धारित करेंगे।
  • छात्र जीवन में वह जो स्वाद विकसित करेगा,वह उसके भविष्य के करियर में अन्य लोगों के प्रति उसके व्यवहार को प्रभावित करेगा।

इसलिए यह आवश्यक है कि अवधि का सही और उचित उपयोग अत्यंत सावधानी के साथ किया जाए।

अंतिम शब्द –

प्रिय पाठकों आज हम आपके लिए विद्यार्थी जीबन पर Essay on Student Life in Hindi 

नामक लेख लेकर प्रस्तुत हुए हैं आशा करते हैं। ये लेख आपको अवश्य पसंद आया होगा तो इसे लिखे और शेयर अवश्य करें। धन्यवाद

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