Freedom Fighter name in Hindi

भारत के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी -Freedom Fighter name in Hindi

भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में आपको बताने वाले हैं कि उन्होंने किस तरह हमारे देश को अंग्रेजों की से आजादी दिलाई थी | उसके लिए उन्होंने क्या-क्या संघर्ष किए हैं लगभग 73 साल पहले 15 अगस्त 1947 की इस ऐतिहासिक दिन भारत आजाद हुआ था | यहां पर कई आंदोलन हुए थे यह स्वतंत्रता कई क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों द्वारा हासिल की गई है जिनके कठिन संघर्ष के कारण जिनके भारत स्वतंत्र हुआ है तो आइए उन स्वतंत्रता सेनानियों Freedom Fighter name in Hindi के बारे में नीचे दिए गए ब्लॉक को पढ़िए |

भारतीय स्वतंत्रता सेनानी Freedom Fighter name in Hindi

महात्मा गांधी

इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर जगह जो गुजरात में स्थित है वहा पर हुआ था | इनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था | इनके पिता का नाम करमचंद गांधी था | गांधी जी के माता का नाम पुतलीबाई था जो कि इनके पिता करमचंद गांधी जी की चौथी पत्नी थी | यह अपनी चौथी माँ की अंतिम संतान थी | महात्मा गांधी द्वारा ब्रिटिश शासन के खिलाफ जो आंदोलन चलाया गया उसका नाम भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन था | जिसके यह नेता थे इसलिए इनको राष्ट्रपिता माना जाता है | महात्मा गांधी जी स्वतंत्रता सेनानियों में से के साथ एक महान व्यक्ति भी थे |

  • गांधीजी की मातृभाषा गुजराती थी |
  • गांधी जी ने अल्फ्रेड हाई स्कूल राजकोट से पढ़ाई की थी |
  • गांधी जी का जन्मदिन 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में विश्व भर में मनाया जाता है |
  • गांधी जी की हत्या बिरला भवन के बगीचे में हुई थी |
  • गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह संग्रह संघर्ष के दौरान जोहान्सबर्ग से 21 मील दूर 1100 एकड़ की टॉलस्टॉय फार्म स्थापित की थी |
  • 1930 में उन्होंने दांडी नमक यात्रा का नेतृत्व किया और 1942 में निरहू ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन चलाया |

यह भी पढ़े:-शहीद भगत सिंह के जीवन की अनसुनी बातें

सुभाष चंद्र बोस

यह हमारे देश के एक महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस जी का जन्म 23 जनवरी 1807 को कटक शहर जो कि ओडिशा में स्थित है वहां पर हुआ था | इनके पिता का नाम जानकीनाथ बोस तथा माता का नाम प्रभावती था | इनके पिता जी कटक शहर के प्रसिद्ध वकील थे | सुभाष चंद्र बोस कुल मिलाकर 14 भाई बहन थे | ‘तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ यह नारा सुभाष चंद्र बोस जी द्वारा हमारे भारत देश को दिया गया था |

सरदार वल्लभ भाई पटेल

सरदार वल्लभ भाई पटेल जी का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को ग्राम नादिद में हुआ था | इनके पिता एक साधारण किसान थे जिनका नाम झवेरभाई पटेल था | उनकी माता लाड बाई एक साधारण महिला थी | सरदार जी ने बचपन से ही बहुत परिश्रम किया है | यह पेटलाद की एन के हाई स्कूल में पढ़ाई खत्म हुई है | 1896 में इन्होंने हाई स्कूल से परीक्षा पास की | भारत मां की स्वतंत्रता की लड़ाई में इन्होंने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया था यही कारण है कि सरदार वल्लभ भाई पटेल को लौह पुरुष भी कहा जाता है | इन्होंने गांधी जी से प्रेरणा प्राप्त की थी और स्वतंत्रता आंदोलन में अपना योगदान दिया था भारत के इतिहास में बल्लभ भाई का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है | भारत देश हमेशा इस महान पुरुष की साहसी निडरता दबंग अनुषा सत्ता एवं अटल महान पुरुष को याद करेगा |

चंद्रशेखर आजाद

इनका जन्म 23 जुलाई 1906 को भाबरा, अलीराजपुर, मध्य प्रदेश में हुआ था
इनका पूरा नाम पंडित चंद्रशेखर तिवारी था और लोग उन्हें आजाद कहकर भी बुलाते थे | इनके पिता का नाम पंडित सीताराम तिवारी और माता का नाम जाग्रानी देवी था | ये 14 वर्ष की आयु में बनारस चले गए और वहां पर एक संस्कृत स्कूल में पढ़ाई की| वे एक महान भारतीय क्रन्तिकारी थे | उनकी उग्र देशभक्ति और साहस ने उनकी पीढ़ी के लोगों को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया |

1920-21 के वर्ष में यह गांधीजी के असहयोग आंदोलन से जुड़े थे | चंद्रशेखर आजाद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के साथ मिलकर हिंदुस्तान समाजवादी प्रजातंत्रसभा का गठन भी किया था | जब चंद्रशेखर आजाद जेल गए थे तो वहां पर इन्होने अपना नाम ‘आजाद’, पिता का नाम ‘स्वतंत्रता’ और ‘जेल’ को उनका निवास स्थान बताया था | चंद्रशेखर तिवारी जी की मृत्यु 27 फरवरी 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में हुई |

Admin

Hello, My name is vishnu. I am a second-year college student who likes blogging. Please have a look at my latest blog on hindiscpe

View all posts by Admin →

Leave a Reply

Your email address will not be published.