Poem On Birds In Hindi

5+ पक्षियों पर बेहतरीन कविताये – Poem On Birds In Hindi

Poem On Birds In Hindi दोस्तों आज हमने पक्षियों पर कविता लिखी है। पक्षियों के लिए खुला आकश सोने के पिजरे से भी कई अधिक प्यारा होता है जिस प्रकार मुनस्य को आजादी से प्रेम है वैसे ही पंछी को भी विशाल गगन में गुमना बहुत पंसद है। इसलिए पक्षियों को कैद करने से अच्छा उन्हें आकश में उड़ने दे।  पक्षियों की व्यर्ता को समझाने के लिए हमने पंछियो पर कविताये लिखी है। इससे पहले वर्षा ऋतू पर कविता लिखी थी

Best Poem On Birds In Hindi

Hindi Poem On Birds

अब सुबह उठने पर कानो में
पक्षियों का कलरव नही जाता,

सूरज के स्वागत में अब कोई
पक्षी मधुर गीत नई गाता।

मधुमास मै अब कोयल की कूक
बड़ी मुश्किल से सुनाई देती है,

ना ही घोसले के लिए अब कोई
कोयल कोए से लड़ते हैं।

गांव के पुराने घरों में
गोरियो का जोड़ा अब नही आता

बूढ़ी दादी के कापते हाथो से
अब कोइ तोता मिर्च नही खाता।

सबको पता है ये प्यारे पक्षी
मौत के आगोश मै सोते जा रहे हैं,

अपने मतलब की दुनियां बनाने मै
हम नन्हीं सी जान खोते जा रहे हैं।

अगर में पंछी होता कविता 

 

Poem On Birds In Hindi

अगर में पंछी होता
तो कितना अच्छा होता।

सारी धरती अपनी होती
खुला आसमां न्यारा लगता।

उड़कर खुले आसमान मै
हवाओ से बाते करता।

धूप में तपते किसानों से
हवा से सिफारिश करता।

उड़ जाता पंछी बनकर
बादलों से नाता होता।

नीले नीले आसमान में
चंदा मामा से मिल आता।

आगर में पंछी होता
तो कितना अच्छा होता।

Poem on Save Birds in Hindi

Poem on Save Birds in Hindi

कभी पेड़ पर कूदती,
कभी पानी में नाचती,
छोटी-छोटी लकड़ियों से यह अपना घर बनाती,
ना ही किसी को सताती,
ना ही किसी को रुलाती,
अपनी  चेचाहट से सबको सुबह उठाती,
फिर भी ना जाने क्यों पिंजरे में कैद पायी जाती।

poem about birds in hindi

poem about birds in hindi

इक इक तिनका जोड़कर
चिड़िया अपना घर बनाती है।

धुप, हवा, बारिश, से
अपना परिवार बचाती है।

मेनहत से तुम न घबराना
हम सबको सिखलाती है।

छोटे छोटे हाथो से
बड़े काम कर जाती है।

A Poem On Birds In Hindi

पक्षी और बादल
ये भगवान के डाकिये हैं
जो एक महादेश से
दूसरे महादेश को जाते हैं।
हम तो समझ नहीं पाते हैं।
मगर उनकी लाई चिट्टियाँ
पेड, पौधे, पानी और पहाड़
बाँचते हैं।

हम तो केवल यह आँकते हैं
कि एक देश की धरती
दूसरे देश को सुगंध भेजती है।
और बह सौरभ हवा में तैरते हुए
पक्षियों की पाँखो पर तिरता है।
और एक देश का भाप
और दूसरे देश में पानी
बनकर गिरता है।

Birds Poem In Hindi 

कुछ अजीब सी हालत थी उस नन्हे पछी कि,
पिंजरा उसका खुला था, लेकिन उड़ना वो भूल चूका था।

याद भी आ गया लेकिन उस को अपना किरदार,
पंख भी हो गए थे अब पहले से असरदार।

उड़ान ले ली उसने के पिंजरा पीछे रह गया,
सपनो कि ही भीड़ में कही खो सा गया।

कैद कर के अनजाने में उसको रिहा किया था।
बहुत कम समय में पिंजरे ने ये काम किया था।

Birds Poem In Hindi

Poem On Birds In Hindi

काश में भी पंछी होता
उड़ता फिरता दूर दूर तक
काश में अगर पंछी होता।

अमृत वेला ऐसा सुन्दर होता
आँख खुलते ही पल में उड़ जाता

हाथ में बिलकुल न आ पाता
जहा मन करता वही उड़ जाता

खाता पिता मस्ती करता
दफ्तर के काम से बच जाता
उड़ता उड़ता खूब उड़ता में
काश अगर में पंछी होता।

Poem on Save Birds

कुछ गिरे हुए पत्तों के नीचे;
वन तल पर,
एक पक्षी झूठ बोलता है; चुप।
अब चहकना नहीं…
एक बार सम्मानित सौंदर्य
उसके सुनहरे पंखों से,
अब धुल गए हैं,
बारिश और भयानक मौसम से,
उसके पंख मुड़े हुए और टूटे हुए हैं;
वह मुश्किल से उड़ सकता है,
चील जैसा दिल उसका कभी था,
अब मरने लगा है।
अब इस पक्षी की ओर कोई नहीं देखता।
वह सिर्फ एक और गिरी हुई वस्तु है,
जंगल के फर्श पर लेटे…
नन्ही चिड़िया, मरते ही,
नीले आसमान को देखता है,
और कोई रोना भी नहीं रोकता,
या अंदर किसी भावना को महसूस करने के लिए,
जैसे ही उसका दिल अपने आखिरी गीत को धड़कता है,
किसी को आश्चर्य नहीं होता कि उन्होंने गलत किया है।
जैसा था, चिड़िया को बस प्यार की जरूरत थी;
प्यार, सब साथ।
पर वहां कोई नहीं था,
अपने टूटे हुए पंखों को जोड़ने के लिए,
वहाँ कोई नहीं था,
गाना सुनने के लिए वह गाएगा।
लोग बहुत व्यस्त थे,
और धन द्वारा भी नियंत्रित,
एक पक्षी की देखभाल के बारे में
बिल्कुल भी परवाह करने के लिए,
उचित स्वास्थ्य को लौटें।
वे नीचे नहीं देख सकते थे,
टूटे, उदास और गरीब के लिए;
और एक नन्ही चिड़िया देखो,
पड़ा हुआ,
वन तल पर,
झुक नहीं सकते थे,
और उसकी हथेली में प्याला।
वे उसे शांत नहीं कर सके,
और उसके धड़कते दिल को शांत कर दो।
पर कोई था,
आकाश में ऊपर,
उसने उदास देखा,
जैसे ही नन्ही चिड़िया धीरे-धीरे मर गई,
उसका हाथ नीचे पहुँच गया,
आकाश में जगह से,
इसने पक्षी को ऊपर उठाया,
ऊपर की तरफ।
अब पंछी आजाद है,
फिर से मुक्त।
चहकने के लिए स्वतंत्र, गाने के लिए स्वतंत्र,
एक गीत जिसका कोई अंत नहीं है,
लेकिन, यहाँ नीचे,
जहाँ चिड़िया एक बार लेटी थी;
वन तल पर,
चीजें कठिन हो जाती हैं;
पहले से भी बदतर,
और चीजें मर जाती हैं,
और जमीन पर गिरा दो।
चीजें गायब हो जाती हैं,
बिना आवाज़ किये,
और जब वे अब खुश हैं,
हम नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते,
जिस चिड़िया को हमने मरने के लिए वहाँ छोड़ा था,
वन तल पर।

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