Samvad Lekhan in Hindi

संवाद लेखन की परिभाषा और उदाहरण – Samvad Lekhan in Hindi

आज हम आपको इस Samvad Lekhan in Hindi लेख में संवाद लेखन की परिभाषा और उसके उदाहरण और उससे संबंधित कुछ प्रश्नों को मिलाकर इसके बारे में कुछ संपूर्ण जानकारी देंगे संवाद लेखन व्याकरण का एक अंग है जो कि अधिकतर दसवीं कक्षा तक परीक्षाओं के प्रश्नों में पूछे जाने वाला है सबसे पहले हम संवाद लेखन की परिभाषा को समझेंगे और उसके बाद हम इसके महत्वपूर्ण बातों को सीखेंगे फिर बहुत सारे उदाहरण पड़ेंगे हम आपको संवाद लेखन को इस तरीके से समझाएंगे कि आपको यह अच्छे से समझ में आएगा और आप इसे पढ़ने में रुचि लेंगे। संवाद हमारी शिक्षा में बहुत जरूरी है

दो या दो से अधिक लोगों के बीच बाद होने वाले वार्तालाप को या उन दोनों व्यक्तियों के बीच होने वाले संभाषण को संवाद भी कहते हैं इसमें दो या दो से अधिक व्यक्ति भाग लेते हैं और अपने विचारों और भावों की एक दूसरे के सामने प्रकट करते हैं उसके प्रकट करने के लिए संवाद की सहायता होती है

संवाद लेखन की परिभाषा (Samvad Lekhan in Hindi)

दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच में होने वाले वार्तालाप को जब लिखा जाता है तो उसे संवाद लेखन कहते हैं संवाद लेखन काल्पनिक भी हो सकता है कोई सत्य वार्तालाप पर वार्ता जोकर तो लिखा जाए उसे भी समान लेकर कहते हैं भाषा बोलने का नशा थोड़ी थोड़ी बिजी होती है उदाहरण के रूप में हम एक अध्यापक की भाषा छात्र की अपेक्षा ज्यादा संतुलित और अर्थपूर्ण होती होगी एक पुलिस अधिकारी की भाषा और अपराधी की भाषा में बहुत अंतर होता है इसी तरह दो मित्रों और महिलाओं की भाषाओं में भी अंतर ही होगा जो व्यक्ति जो एक दूसरे के शत्रु है दुश्मन हैं उनकी भाषा भी अलग अलग होगी कहने का तात्पर्य यह है कि संवाद लेखन के पत्रों में उम्र का स्थिति का ध्यान भी रखना चाहिए संवाद लेखन में इन बातों का भी ध्यान रखना चाहिए कि वाक्य रचना जी होगी या निर्जीव भाषा सरल होना कठिन से कठिन शब्दों का प्रयोग कम से कम करना होगा संवाद के बड़े नहीं होनी चाहिए उन्हें लिखना ही होगा होगा होना चाहिए मामलेदार भाषा काफी रोचक और पढ़ने में बहुत मजा आने वाले होते हैं मुहावरे को यथा स्थान प्रयोग करना जरूरी होता है सही है पता चलता है कि संवाद लेखन एक सीधा सरल और मुहावरे से भरा हुआ हो तो अच्छा लगता है

संवाद का महत्व (Samvad Lekhan in Hindi)

दुनिया में संवाद का अधिक महत्व संवाद के बिना मनुष्य समाज में रानी के रूप में नहीं रह सकता संवाद के माध्यम से सिर्फ शब्दों का ही नहीं बल्कि उनके प्रयोग करने वाले के चेहरे और तरह-तरह के हावभाव दिखाई देते हैं जो संवाद के प्रयोग किए जाने वाले शब्दों को आरोह अवरोह को नाटकीय ढंग से प्रकट करते हैं और संवाद के लाते हैं संवाद के बिना दो लोगों के बीच बातचीत गति नहीं ले सकती संवाद की स्थिति में जो जड़ अवस्था को जन्म दे देता है सामान्य बातचीत लड़ाई झगड़े हंसी मजाक प्रेम – वाद-विवाद आदि सभी संवाद के सहारे पूरे हो जाते हैं संवाद के बहुत बड़े ताकि उसे दूसरों के मनचाहे ढंग से प्रभावित किए जाएं और उन पर प्रभाव डाला जा सकता है डालना चाहते हैं

संवाद लेखन की विशेषता (characteristic of dialogue writing)

समाज की विशेषताओं के समझाने के लिए हमने आकर्षक प्रभावशाली संवाद तो नहीं लिख सकते परंतु लिखते समय बहुत बंधुओं का ध्यान रखना पड़ता है ऐसे की संवाद छोटी और सरल संचित होना जरूरी है संवाद रोचक और सरल होना चाहिए संवाद में स्वभाविक था और चुटकी लापन आवश्यक जरूरी है संवाद की भाषा सरल भाव अनुकूल पात्रा अनुकूल और विषय अनुकूल जरूर जरूर होनी चाहिए विषय के अनुकूल इसमें हास्य व्यंग और सजगता जरूरी है संभाल लेते समय देता का ध्यान रखना जरूरी हो गया है अर्थात एक पात्र का संवाद खत्म होने का दूसरे पात्र का संवाद पहले पात्र के संवाद से जुड़ा होना चाहिए संवाद का प्रत्येक भाग के विषय से जुड़ा होना जरूरी है संवाद में कलात्मक भाषा का भी प्रयोग करना है होगा संवाद में वार्तालाप और अनुदान का बड़ा महत्व होता है संवाद को लिखते समय उपयुक्त विराम चिन्ह का उचित स्थान प्रयोग करना और ठहराव स्थान पर आवश्यक रूप से प्रयोग करना पत्रों के मनोभाव एवं मुद्राओं को पुस्तकों में लिखना भी चाहिए इन सब बातों का ध्यान रखें और दूसरों के सामने प्रकट कर सकें और अच्छा संवाद लिख सकें

संवाद लेखन के कुछ उदाहरण (Samvad Lekhan in Hindi)

दो दोस्त आपस में पढ़ाई को लेकर संवाद करते हुए

प्रदीप – कैसे हो दोस्त ?

अमित – मैं ठीक हूं , तुम कैसे हो ?

रोहित – पढ़ाई कैसी चल रही है ?

अमित – मेरी पढ़ाई तो बहुत बढ़िया हो रही है ! तुम्हारी पढ़ाई कैसी हो रही है?

रोहित – मेरी भी पढ़ाई ठीक चल रही है , बस कुछ विषय में दिक्कत है !

अमित – किस विषय में दिक्कत है ?

रोहित– अर्थशास्त्र में चक्रवृद्धि ब्याज समझ नहीं आ रहा।

अमित – वह तो बहुत आसान है छोटा सा ट्रिक है।

रोहित – क्या तुम मुझे समझा सकते हो ?

अमित – क्यों नहीं तुम जो मेरे मित्र हो।

रोहित– कब समय दे सकते हो।

अमित – शाम को मेरे घर आ जाना मैं फ्री रहता हूं।

रोहित– धन्यवाद मित्र शाम को मिलते हैं।

पिताजी-बेटा पढाई को लेकर संवाद लेखन करिए।

पिताजी – पढ़ाई कैसी चल रही है बेटा ?

बेटा – जी पिता जी पढ़ाई बिल्कुल बढ़िया चल रही है।

पिताजी – किसी विषय में कोई समस्या तो नहीं ?

बेटा – नहीं पिताजी सभी विषय समझ आ रहा है।

पिताजी – परीक्षा में अच्छे अंक आ जाएंगे ?

बेटा – हां पिताजी उम्मीद है बहुत अच्छे अंक आएंगे।

पिताजी – परीक्षा के बाद क्या करने का सोचा है ?

बेटा – परीक्षा होने के बाद कंप्यूटर का कोर्स करने के लिए सोच रहा हूं ?

पिताजी – कंप्यूटर का कोर्स क्यों ?

बेटा – क्योंकि कंप्यूटर आज की आवश्यकता है कंप्यूटर की जानकारी नौकरी के लिए भी चाहिए।

पिताजी – फिर तो अच्छा है।

बेटा – जी पिताजी। कंप्यूटर कोर्स के बाद मुझे लैपटॉप दिला देना।

पिताजी – ठीक है मन लगाकर पढ़ाई करो दिला देंगे।

बेटा – जी पिता जी धन्यवाद।

आज के इस लेख में आपको Samvad Lekhan in Hindi के बारे में सम्पूर्ण जानकारी आप तक पहुचाने का प्रयास किया है आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो हमे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते है और ऐसे ही हम आपको सभी प्रकार की जानकारी आप तक पहुचाहते रहेंगे

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